ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) के तीसरे दिन ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में व्यापार, निर्यात, MSMEs, वैश्विक बाजार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। रविवार होने के कारण आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में खरीदार, कारोबारी प्रतिनिधि, उद्यमी, विद्यार्थी और अन्य आगंतुक पहुंचे।
आयोजन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, शाम 5 बजे तक तीसरे दिन 2 लाख से अधिक विजिटर्स की उपस्थिति दर्ज की गई। दिनभर में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच 6,700 B2B बैठकें हुईं, जबकि लगभग 1,150 MoUs और व्यावसायिक समझौते किए गए। इन समझौतों का अनुमानित कारोबारी मूल्य करीब ₹2,000 करोड़ बताया गया।
वैश्विक व्यापार और FTAs पर चर्चा
तीसरे दिन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेड शो में आयोजित एक सत्र में भाग लिया। सत्र का विषय भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) के माध्यम से वैश्विक व्यापार के अवसरों से जुड़ा था।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, MSME मंत्री भूपेंद्र चौधरी, MSME राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील, IEML के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार और अन्य उद्योग एवं सरकारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
चर्चा में उत्तर प्रदेश के निर्माताओं, MSMEs और निर्यातकों के लिए भारत के व्यापार समझौतों से उपलब्ध बाजार अवसरों, गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच जैसे विषयों पर बात हुई।
पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश के MSME आधार, विनिर्माण क्षमता, ODOP व्यवस्था और निर्यात क्षेत्र का उल्लेख करते हुए वैश्विक बाजारों में राज्य के उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने FTAs के तहत उपलब्ध preferential market access को समझने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्ता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता पर ध्यान देने की बात कही।
कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद किया और ट्रेड शो के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया।
उत्तर प्रदेश में निवेश और निर्यात पर जोर
औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास का उल्लेख किया। उन्होंने निवेश, विनिर्माण और निर्यात के लिए राज्य में विकसित हो रहे कारोबारी वातावरण पर चर्चा की।
MSME मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने छोटे उद्यमों, कारीगरों, ODOP उत्पादकों और निर्माताओं को तकनीक, डिजिटल मार्केटप्लेस और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने के महत्व पर जोर दिया।
तीसरे दिन 6,700 B2B बैठकें
UPITS 2026 के तीसरे दिन व्यापारिक गतिविधियां प्रमुख रूप से केंद्र में रहीं। उपलब्ध आयोजन आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच 6,700 B2B बैठकें आयोजित हुईं।
इसके साथ लगभग 1,150 MoUs और व्यावसायिक समझौते किए गए। इनका अनुमानित कारोबारी मूल्य करीब ₹2,000 करोड़ बताया गया है।
इन बैठकों में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों, बाजारों, व्यापारिक साझेदारी और संभावित कारोबारी अवसरों पर बातचीत हुई।
MSMEs के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केट एक्सेस
तीसरे दिन MSME और Expo Bazaar से जुड़े एक सत्र में ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केट एक्सेस और सप्लाई चेन सॉल्यूशंस पर चर्चा हुई।
सत्र में छोटे एवं मध्यम उद्यमों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, तकनीक और लॉजिस्टिक्स के इस्तेमाल तथा नए बाजारों तक पहुंच बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
वुडक्राफ्ट और सस्टेनेबल सोर्सिंग
Export Promotion Council for Handicrafts (EPCH) से जुड़े सत्र में भारत के वुडक्राफ्ट क्षेत्र के लिए टिम्बर लीगैलिटी, सस्टेनेबल सोर्सिंग और ग्लोबल मार्केट एक्सेस जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
सत्र में पारंपरिक वुडक्राफ्ट उद्योग के लिए जिम्मेदार कच्चे माल की सोर्सिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की आवश्यकताओं से जुड़े पहलुओं पर जानकारी साझा की गई।
कारीगरों और MSMEs के लिए ब्रांडिंग पर चर्चा
IEML की CSR पहल E-Nurture के अंतर्गत आयोजित सत्र में कारीगरों, बुनकरों और लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए माइक्रो ब्रांड बिल्डिंग पर चर्चा हुई।
इसमें छोटे स्तर के उद्यमों के लिए ब्रांड पहचान, मार्केट पोजिशनिंग और बाजार में अपने उत्पादों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने जैसे विषयों को शामिल किया गया।

पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली और वेलनेस पर सत्र
उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष विभाग की ओर से भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली, आधुनिक अनुसंधान और वैश्विक वेलनेस अवसरों से संबंधित सत्र आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में आयुष विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। चर्चा में पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान, आधुनिक शोध और वेलनेस क्षेत्र से जुड़े अवसरों पर विचार किया गया।
शेफ हरपाल सिंह सोखी की मास्टर क्लास
ODOC हॉल नंबर 16 में सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी की मास्टर क्लास भी आयोजित हुई। कार्यक्रम में उन्होंने खाना पकाने की तकनीकों, व्यंजनों और अपने पाक अनुभव से जुड़े पहलुओं को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।
मास्टर क्लास में भोजन, स्वाद और पाक परंपराओं से जुड़े विषयों को प्रदर्शित किया गया।
विद्यार्थियों की भी रही भागीदारी
UPITS 2026 के तीसरे दिन विद्यार्थियों के लिए भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
Cyber Security & Road Safety से जुड़े कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा और साइबर जागरूकता से संबंधित विषयों पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में ARTO यू. एन. पांडेय और ADCP अजय कुमार के साथ संवाद भी हुआ।
Grads International School और Jaypee Public School, Greater Noida के विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में हिस्सा लिया।
इसके बाद MIME और Battle of Bands जैसी गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिसमें Sparsh International School और Delhi Public School के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी उत्तर प्रदेश की विविधता
दिन के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पं. रवि शंकर उपाध्याय और पं. ऋषि शंकर उपाध्याय की पखावज जुगलबंदी से हुई।
इसके बाद विभिन्न कलाकारों ने लोक संगीत, लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। रायबरेली की शीलू सिंह राजपूत ने आल्हा गायन, झांसी की वंदना कुशवाहा ने राई लोकनृत्य और नोएडा की प्रियंवदा सिंह ने कथक प्रस्तुत किया। सहारनपुर की रंजना नेब ने भी नृत्य प्रस्तुति दी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन नोएडा के समस्त्र बैंड की प्रस्तुति के साथ हुआ।
29 सितंबर तक जारी रहेगा UPITS 2026
UPITS 2026 का आयोजन 29 सितंबर 2026 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में जारी रहेगा।
तीसरे दिन के कार्यक्रमों में व्यापारिक बैठकों के साथ-साथ निर्यात, MSME, डिजिटल मार्केट एक्सेस, वुडक्राफ्ट, ब्रांडिंग, वेलनेस, विद्यार्थी गतिविधियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को शामिल किया गया।
अगले दो दिनों में भी ट्रेड शो के विभिन्न प्रदर्शनी हॉल में व्यापारिक गतिविधियां, खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच संवाद तथा अन्य निर्धारित कार्यक्रम जारी रहेंगे।










